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Tuesday, March 29, 2011

तेरी यादों में ...









आँखों में आंसूं भरे है तेरी यादों में
हलक से पानी न उतरा तेरी यादों में 
हर आहट तेरे आने का आस जगाये 
भरी महफ़िल से हम उठकर चले आये 
                                           तेरी यादों में 
दिल का दर्द नासूर बन गया तेरी यादों में 
बह रही है आंसूओं की धार तेरी यादों में 
टूटा जो नाज़ुक दिल जुड़ न पाया 
रग-रग टूटा जाए तेरी यादों में 






4 comments:

  1. टूटा दिल जुड़ जाएगा
    निरंतर दुआ खुदा से करो जो खो गया
    मिल जाएगा
    खूबसूरत

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  2. आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा. हिंदी लेखन को बढ़ावा देने के लिए आपका आभार. आपका ब्लॉग दिनोदिन उन्नति की ओर अग्रसर हो, आपकी लेखन विधा प्रशंसनीय है. आप हमारे ब्लॉग पर भी अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "अनुसरण कर्ता" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
    भारतीय ब्लॉग लेखक मंच
    डंके की चोट पर

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  3. दिल का दर्द नासूर बन गया तेरी यादों में
    बह रही है आंसूओं की धार तेरी यादों में ...

    भावुक...सुन्दर...मर्मस्पर्शी भावाभिव्यक्ति....

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  4. भारी मन को और भारी कर गयी आपकी अभिव्यक्ति ......

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