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Saturday, July 16, 2011

ज़िन्दगी से ....



ज़िन्दगी  से बस यूं ही
 चन्द बातें हुई
 चमन में आये बहार से
 एक मुलाकात हुई

 जलते चिरागों तले
 रोशनी नहीं होती
 चिराग  तले अँधेरे में
 ज़िन्दगी दीदार हुई

 हर तरफ भीड़ है
 हर शख्स है परेशान
इस दुनिया  में ज़िन्दगी
 तू ही है तनहा खडी

10 comments:

  1. ्वाह बहुत सुन्दर्।

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  2. आज ब्लॉगर्स मीट वीकली में आपकी पोस्ट पढ़ी जा रही है।

    हमारी कामना है कि आप हिंदी की सेवा यूं ही करते रहें।
    ब्लॉगर्स मीट वीकली में आप सादर आमंत्रित हैं।
    बेहतर है कि ब्लॉगर्स मीट ब्लॉग पर आयोजित हुआ करे ताकि सारी दुनिया के कोने कोने से ब्लॉगर्स एक मंच पर जमा हो सकें और विश्व को सही दिशा देने के लिए अपने विचार आपस में साझा कर सकें। इसमें बिना किसी भेदभाव के हरेक आय और हरेक आयु के ब्लॉगर्स सम्मानपूर्वक शामिल हो सकते हैं। ब्लॉग पर आयोजित होने वाली मीट में वे ब्लॉगर्स भी आ सकती हैं / आ सकते हैं जो कि किसी वजह से अजनबियों से रू ब रू नहीं होना चाहते।

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  3. बहुत सुन्दर्।

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  4. ईद की सिवैन्याँ, तीज का प्रसाद |
    गजानन चतुर्थी, हमारी फ़रियाद ||
    आइये, घूम जाइए ||

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  6. आदरणीया अनामिका जी
    सादर सस्नेहाभिवादन !

    ज़िंदगी के कई रंग प्रस्तुत कर दिए आपने …
    वाह ! बहुत सुंदर !


    बीते हुए हर पर्व-त्यौंहार सहित
    आने वाले सभी उत्सवों-मंगलदिवसों के लिए ♥ हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !♥
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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